

किशनगंज संवाददाता मोहम्मद चांद
किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड के ग्राम पंचायत कनकपुर में जिविका महिला सम्मान योजना के तहत लाभार्थियों से पैसे मांगने का आरोप लगा है। गठीला जिविका नेपाली ग्रुप और रैषा ग्रुप की महिलाओं ने एक कम्युनिटी फैसिलिटेटर (सीएफ) पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के लिए प्रति लाभार्थी 2000 रुपये की मांग करने का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री बिहार सरकार द्वारा संचालित इस योजना के तहत महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 10,000 रुपये दिए जा रहे हैं। योजना के तहत, कम्युनिटी मोबिलाइजर (सीएम) द्वारा जिविका समूह की महिलाओं के दस्तावेज एकत्र कर सीएफ को ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए जमा किए जाते हैं।
पीड़ित महिलाओं के अनुसार, उनके दस्तावेज एक महीने पहले सीएम द्वारा सीएफ को जमा कर दिए गए थे। हालांकि, जब महिलाओं ने सीएम से भुगतान की स्थिति के बारे में पूछा, तो उन्हें बताया गया कि राशि जल्द ही खाते में आ जाएगी। 17 अक्टूबर 2025 को सीएम ने बताया कि उन्होंने कागजात जमा कर दिए हैं, लेकिन सीएफ द्वारा प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है।
जांच करने पर पता चला कि कुछ महिलाओं के सीएम अकाउंट और बैंक अकाउंट में नाम का मिलान नहीं हो रहा था, जिसके कारण सीएफ ने उनके कागजात ऑनलाइन नहीं किए। महिलाओं का आरोप है कि सीएफ ने उनसे कहा कि जो 2000-2000 रुपये देगी, उसका काम हो जाएगा।
महिलाओं द्वारा विरोध करने पर कुछ लाभार्थियों का ऑनलाइन आवेदन किया गया। महिलाओं का कहना है कि सीएफ अपने पद का दुरुपयोग कर रही है और लापरवाही बरत रही है। उन पर यह भी आरोप है कि सीएफ ने धमकी दी कि उसका कुछ नहीं होगा, जिससे महिलाओं को डर है कि उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा सकता है।
पीड़ित महिलाओं ने संबंधित अधिकारियों से सीएफ के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की अपील की है।
जब इस पूरे मामले पर सीएफ नूरी से जब बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने अपना पक्ष रखने से इनकार कर दिया
इस पूरे मामले पर प्रखंड परियोजना पदाधिकारी ने दूरभाष पर बताया कि जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी









